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​मकई खिचड़ी-
मकà¥à¤•े में दाल या कà¥à¤› मसाले डालकर à¤à¥€ लाजवाब खिचड़ी बनाई जा सकती है। इसे खाने के बाद आपको काफी देर तक à¤à¥‚ख नहीं लगेगी। इसमें 10-15 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और मैंगनीज, मैगà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ और जिंक जैसे पोषक ततà¥à¤µ होते हैं। मकई का नियमित सेवन आंखों और हà¥à¤¦à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद है। यदि आप इस पकवान को और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• बनाना चाहते हैं, जो इसमें गाजर, मटर, बीनà¥à¤¸ जैसी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मिलाà¤à¤‚।
​दलिया खिचड़ी-
इसे बनाना बेहद आसान है और यह बहà¥à¤¤ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥€ है। फोलेट, विटामिन बी-6, नियासिन, कॉपर, मैंगनीज, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खिचड़ी बार-बार खाने की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को कम करती है। इस पà¥à¤°à¤•ार कैलेारी की मातà¥à¤°à¤¾ में कमी आने से वजन घटाना आसान हो जाता है। इसके अलावा दलिया खिचड़ी खाने से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आंत बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बढ़ावा मिलता है साथ ही कबà¥à¤œ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ से à¤à¥€ छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिलता है।
​दाल खिचड़ी-
खिचड़ी में किसी à¤à¥€ तरह की दाल मिलाने से यह पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• बन जाती है। आप चाहें, तो इसमें मूंग दाल, तूअर दाल या फिर चना दाल डाल सकते हैं। सà¤à¥€ हेलà¥à¤¦à¥€ और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र हैं। मसूर में सामानà¥à¤¯ रूप से पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ , आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पोटेशियम और फैट अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है।
दाल में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ आपको लंबे समय तक à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† रख सकता है। इससे मांसपेशियों का à¤à¥€ विकास होता है। फाइबर की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ कबà¥à¤œ को रोकने में मदद करती है। बता दें कि दाल वाली खिचड़ी की à¤à¤• सरà¥à¤µà¤¿à¤‚ग में 203 कैलोरी होती है। यह वà¥à¤¯à¤‚जन डायबिटीज और हारà¥à¤Ÿ पेशंट के लिठकाफी अचà¥à¤›à¤¾ है।
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​ओटà¥à¤¸ खिचड़ी-
अगर आपको दलिया पसंद है, तो आपको ओटà¥à¤¸ की खिचड़ी जरूर पसंद आà¤à¤—ी। ओटà¥à¤¸ और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बनी ये दिलकश डिश आपके ओटमील की तरह सेहतमंद है। à¤à¤• कटोरी ओटà¥à¤¸ खिचड़ी आपको मैंगनीज, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फाइबर, फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ और आयरन के लाठदे सकती है।
बता दें कि फाइबर पाचन को धीमा करता है, जिससे आपका पेट लंबे वकà¥à¤¤ तक à¤à¤°à¤¾ रहता है। इससे आपकी कà¥à¤°à¥‡à¤µà¤¿à¤‚ग à¤à¥€ रूक जाती है। अचà¥à¤›à¥€ बात ये है कि ओटà¥à¤¸ में कैलोरी और फैट à¤à¥€ बहà¥à¤¤ कम होता है, जिसे वजन कम करने के लिठखाना बहà¥à¤¤ जरूरी है।
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​बाजरा की खिचड़ी-
बाजरा या परà¥à¤² बाजरा खिचड़ी राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ में काफी मशहूर है। इस पà¥à¤°à¤•ार का बाजरा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फाइबर, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जैसे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤¾ होता है। इस वà¥à¤¯à¤‚जन में कैलेारी कम और फाइबर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने से यह वजन घटाने के लिठआदरà¥à¤¶ à¤à¥‹à¤œà¤¨ है। अगर आप दोपहर या रात में बाजरे की à¤à¤• कटोरा खिचड़ी à¤à¥€ खाते हैं, तो आपका पेट लंबे समय तक à¤à¤°à¤¾ रहेगा। खासतौर से रात के समय खिचड़ी खाने से आपको देर रात à¤à¥‚ख नहीं लगेगी और वजन à¤à¥€ बढ़ने से रà¥à¤• जाà¤à¤—ा।
वजन घटाने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल होती है। लेकिन यहां बताई गई 5 पà¥à¤°à¤•ार की खिचड़ी में से आप दिन में कोई à¤à¤• तरह की खिचड़ी खाना शà¥à¤°à¥‚ कर दें। यकीनन आपको बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ परिणाम मिलेगा।
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